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उरई

आवास लाभार्थियों के रुपये का आहरण करने में प्रधान, सचिव फंसे

0 पीड़ितों ने डीएम कार्यालय में दस्तक देकर मांगा न्याय
0 सचिव, प्रधान पति अब लाभार्थियों को दे रहा धमकियां
0 रामपुरा थाना पुलिस को पीड़ित दे चुके लिखित तहरीर
0 मामला ग्राम पंचायत हमीरपुरा का

सत्येन्द्र सिंह राजावत
उरई (जालौन)। जनपद की हमीरपुरा ग्राम पंचायत में आवास घोटाले का मामला उजागर होने के बाद जहां ग्राम प्रधान, उसका पति व पंचायत सचिव मामले को सुलटाने के प्रयासों में जुटे हुये हैं तो वहीं पीड़ित परिवार ने न्याय के लिये जिलाधिकारी की चैखट पर दस्तक दी। हैरत की बात तो यह है कि पीड़ितों को अब खुलेआम मामले का पटाक्षेप करने की धमकियां उनके फोन पर दी जा रही हैं। हालांकि पीड़ितों ने मामले की लिखित तहरीर रामपुरा थाना पुलिस को दे दी थी लेकिन पुलिस ने अभी तक पीड़ितों की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं की है। यही एक ऐसा पहलू है जो आवास योजना में लाभार्थियों की रकम डकारने के बाद सीना तानकर कहते सुने जा रहे हैं कि वह सारे मामले को रफादफा कराने में सफल हो जायेंगे।
उल्लेखनीय हो कि रामपुरा विकासखंड के ग्राम हमीरपुरा में वित्तीय वर्ष 2018-19 में बाबूराम पुत्र कलू व राजेंद्र पुत्र रामदयाल के नाम से पीएम आवास स्वीकृति हुआ था। लेकिन इस मामले में ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने दोनों लाभार्थियों के साथ धोखाधड़ी कर आवास निर्माण के नाम पर आयी धनराशि का जालसाजी कर बैंक से आहरण कर अपनी जेबों में डालकर हजम कर दिया। उक्त मामले की जानकारी लाभार्थियों को पता चली तो वह सकते में आ गये और फिर मामले की लिखित शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की। इसके बाद आवास योजना के नाम पर सीधे-सीधे जगम्मनपुर की यूपी ग्रामीण बैंक से नर्मदा देवी के नाम खुले खाते से 1 लाख 20 हजार रुपये निकालकर उनका बंदरबांट कर लिया। ऐसा की कुचक्र दूसरे लाभार्थी राजेंद्र कुमार के खाते से भी 1 लाख 20 हजार रुपये हजम कर बंटरबांट करने का मामला गर्माने के बाद इसका एहसास महिला ग्राम प्रधान व उसके पति के साथ ही पंचायत सचिव को हुआ तो वह उल्टा पीड़ितों को ही उनके मोबाइल नंबर पर मामले को सुलटाने की बात कर उन्हें धमकाने वाली अंदाज में बात करने का आडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा हैं जिसमें हुई बातों को साफ-साफ सुना जा सकता है कि आखिर ग्राम प्रधान के पति व पंचायत सचिव की नियत में आज भी खोट नजर आ रहा हैं। अब उक्त मामले की गेंद जिलाधिकारी के पाले में पहुंच चुकी है। इसके लिये पीड़ितों ने आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय में दस्तक देते हुये न्याय की गुहार लगाते हुये कहा कि दोषी महिला ग्राम प्रधान, उसका पति व पंचायत सचिव सहित अन्य दोषियों के विरुद्ध सरकारी धन का धोखाधड़ी पूर्वक बैंक खाते से आहरण करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिये जाये।
फोटो परिचय—
डीएम से मिलते जाते पीड़ित परिजन।

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