Home जालौन नई शिक्षा नीति देश की तरक्की में मिशाल बनेगीःवागीसा सेंगर
जालौन - July 31, 2020

नई शिक्षा नीति देश की तरक्की में मिशाल बनेगीःवागीसा सेंगर

0 समय के साथ शिक्षा नीति में बदलाव होने से लाभांवित होंगे छात्र-छात्रायें

सत्येन्द्र सिंह राजावत
उरई (जालौन)। पिछले तीन दशकों में भारत को एक साहसिक शिक्षा सुधार की आवश्यकता थी। यह पूरी दुनिया के बाकी हिस्सों के संबंध में भारत में बिगड़ती शिक्षा की गुणवत्ता के मद्देनजर है। जबकि पिछली शिक्षा नीतियों ने काफी हद तक जनसंख्या के सभी वर्गों के लिए शिक्षा के प्रसार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है, अब इस शिक्षा नीति को शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित किया गया है यह हमारे राष्ट्रीय रोजगार आवश्यकताओं और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप है। उक्त बात बीकाॅम उत्तीर्ण करने वाली छात्रा वागीसा सेंगर ने मीडिया टीम से बातचीत के दौरान कही।
प्रतिभाशाली छात्रा का मानना है कि स्कूल की संरचना को नया रूप दिया गया है। 10़2 बोर्ड संरचना को अब 5़3, 3़4 संरचना से बदल दिया गया है। कक्षा 6 वीं से आगे और मॉड्यूलर बोर्ड परीक्षाओं से व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण, जो रट्टा सीखने पर जोर कम करता है, वह सराहनीय उपाय हैं जिन्हें अपनाया गया है। अन्य उल्लेखनीय उपाय हैं यूजीसी एआईसीटीई का विलय, ग्रेडिंग का मानकीकरण और सभी सरकारी, निजी, खुले, डीम्ड और व्यावसायिक संस्थानों के लिए अन्य नियमय कानूनी और चिकित्सा शिक्षा को छोड़कर पूरे क्षेत्र की देखरेख के लिए एक सामान्य उच्च शिक्षा नियामकय और सीखने, मूल्यांकन, योजना और प्रशासन को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक स्वायत्त संगठन यानी राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम का निर्माण।
फोटो परिचय—
वागीसा सेंगर।

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