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जानें हार्ट अटैक से कितना खतरनाक है ये रोग :कार्डियक अरेस्ट

स्वास्थ । कार्डियक अरेस्ट को सीधे शब्दों में कहें, तो हार्ट बीट का अचानक रुक जाना है। दिल की धड़कन तभी रुकती है जब उसे ऑक्सीजन न मिले यानि मांसपेशी को खून न मिले। दरअसल जब दिल धड़कता है एक विद्युत संवेग यानि बिजली की कौंध पैदा होती है, जिसकी मदद से रक्त हमारे शरीर के अलग-अलग अंगों में संचारित होता है। कई बार धड़कन अनियंत्रित हो जाए, तो रक्त का संचार प्रभावित होता है और इसका असर शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर पड़ सकता है। दिल की धड़कन अनियंत्रित होने की भी कई वजहें हो सकती हैं। जैसे हो सकता है मांसपेशी में कोई समस्या आ गई हो या कि मांसपेशी ठीक हो मगर उसे मिलने वाला खून दूषित हो आदि।
कार्डियक अरेस्ट दिल की ऐसी बीमारी है जिसमें धड़कन के अनियंत्रित होने से कई बार कुछ समय के लिए दिल खून की पंपिंग करते-करते आराम करने लगता है। ये आराम कितना लंबा हो सकता है इसका कोई अंदाजा नहीं है। कई बार दिल की धड़कन दोबारा शुरू हो जाती है और मरीज की जान बचाई जा सकती है। मगर ज्यादातर बार ये संभव नहीं होता है क्योंकि दिल की धड़कन जब तक दोबारा शुरू होती है तब तक मस्तिष्क तक ऑक्सीजन न पहुंचने के कारण उसकी मौत हो चुकी होती है। ऐसे में अगर इंसान के अंग अपना काम शुरू भी कर दें तो बिना मस्तिष्क के उसका शरीर किसी काम का नहीं रह जाता है। इंसान की इसी स्थिति को ब्रेन डेथ कहते हैं।

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