Home कदौरा अन्ना मवेशियों से फैल रही दुर्गंध, शिकायत के बाद भी समाधान नहीं...

अन्ना मवेशियों से फैल रही दुर्गंध, शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ

14
0

कदौरा (जालौन)। ग्रामीण क्षेत्रो में ज्यादातर अस्थायी पशु आश्रय स्थलों से अन्ना मवेशियों को छोड़ दिया गया है। यहां मवेसी इस भीषण गर्मी में दम तोड़ रहे है। मगर मवेशियों को दफनाया नहीं जा रहा है। जिससे गांवों व आसपास की बस्तियों में दुर्गंध फैल रहा है। लोगों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते फैल रही गन्दगी और भी घातक हो सकती है।
क्षेत्र के ग्राम जमरेही के मजरा गौहना व ग्राम बागी के ग्रामीणो लखन सिंह, सुरेश पाल, देवकरण, कमल सिंह, राकेस सिंह, चरण सिंह, बबलू, सबल सिंह ने बताया कि बस्ती के बाहर स्थायी गौशाला संचालित है, लेकिन यहां भूसा व पानी का प्रबंध न होने से सचिवो ने मवेशियों को गौशालाओ से छोड़ दिया है, इसके बाद मवेसी बाहर जाकर मर रहे है। जिससे बीमारिया फैल रही है। लोगो ने कहा कि मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की गई। लेकिन जिम्मेदारों ने शिकायत का निस्तारण ब्लॉक में बैठकर कर दिया। यही हाल बड़ागाँव, महमूदनगर, भेड़ी खुर्द, इकौना, सहादतपुर, चतेला, गर्रेही, बारा, गढ़ा कुशमरा, बरही, बवीना, कानाखेड़ा, कुशमरा बावनी, नाका, पंडौरा, परासन, बसरेही आदि गांवों का है। जहां पर मवेशी भूख प्यास से दम तोड़ रहे है। जबकि ग्रामीणांे का आरोप है कि ब्लॉक में बैठे भ्रष्ट अधिकारी से शिकायत करो तो सीधा सचिवांे का पक्ष लेकर शिकायतकर्ताओं को हड़का देता है। भूसे की चेक कटवाने से लेकर भूसे की डिमांड लगवाने के नाम पर अपने चहेते कर्मचारियों की मदद से पूर्व में प्रधानों से 10 प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत कमीशन लिया है। इसलिए गौशालाआंे की स्थिति बद से बदतर है।

गौशालाों के संचालन में मुख्यमंत्री के आदेश को हवा में उड़ा रहे जिम्मेदार

कदौरा। मुख्यमंत्री के आदेशों को धता बताकर गौशालाओं से मवेशियों को किसके कहने पर बाहर किया है। जबकि गौशाला के लिए राज्य सरकार से मिलने वाली धनराशि का बंदरबांट करने में लगा भ्रष्ट जिम्मेदार। राज्य सरकार गौशालाओं के लिए लाखों करोड़ों रुपये का बजट दे कर गौवंशों के चारे पानी का इंतजाम कर रही है वही दूसरी ओर ब्लॉक के जिम्मेदार हो या सचिव उस धनराशि का बंदरबांट करने में लगे हुए है। भीषण गर्मी में गौशालाओं से मवेशियों को छोड़ दिया गया है। मवेशी भूख प्यास से दम तोड़ रहे है। शिकायत करने पर जानकारी न होने का बहाना बनाकर बैठ जाते है। ग्रामीणो ने जिलाधिकारी से मांग की है कि कदौरा ब्लॉक में आधा सैकड़ा गौशालाएं है। गौशालाओं में मवेशियों के भूसे चारे के लिए आने वाली धनराशि कब और किस मद में खर्च हुई। कितने मवेशी गौशाला में थे कितने बचे। गौवंशों की संख्या की जांच की जाए। ताकि भ्रष्ट जिम्मेदार व उसके सहयोगी सचिवों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।