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Featured - उरई - 4 weeks ago

समय और हालातों के खूबसूरत समन्यवय की दिशा को खुद तय करें लोग

0 लाकडाउन के बीच भी बेहतर करने की प्रेरणा देते बुजुर्ग

सत्येन्द्र सिंह राजावत
उरई (जालौन)। मौजूदा सामाजिक हालातों के बीच ऐसे मे जबकि लोग कोरोना महामारी के बढते संक्रमण से बचाव के लिये अपने अपने घरों में रहने को विवश है और खालीपन और रिक्तता उनके जीवन को नीरसता से बोझिल कर रही है ऐसे में भी कुछ लोग है जो वक्त और हालातों कें बीच खूबसूरत समन्वय बिठाते हुये कुछ बेहतर करने में भी पीछे नही है ऐसी ही एक बेजोड सुखद तश्वीर आज रविवार को गांधी इंटर कालेज के मैदान में देखने को मिली जब वहां एक बुर्जुग को परिसर के ट्री गार्डो में लगे पौधों को पानी देते देखा चांैकाने वाली बात यह भी रही कि जब उस बुर्जुग से पूछा गया कि क्या वह यहां देखभाल के लिये तैनात है तो उसका जो जबाब था वह कितना प्रेरक है इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है उसका कहना था कि उसे अक्सर यहां लगे पौधों के सूखने का डर लगा रहता है और यही वजह है कि वह चुपचाप यहां इन पौधों को पानी देने चला आता है बहरहाल जो भी हो पर जिस तरह से उस बुर्जुग ने पौधों के संरक्षण की दिशा में अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराया वह उन तमाम लोगो के लिये प्रेरणास्पद है जो पौधें रौपित करने के बाद यह भूल जाते है कि उन्हें पोषित भी करना जरूरी है। बहरहाल बुजुर्ग की इस छोटी सी पहल के पीछे छिपी मन की खूबसूरती के साथ साथ यह संदेश हर किसी के लिये जरूरी है कि लोग मौजूदा सामाजिक हालातों के बीच सर्तकता और सुरक्षा के साथ बहुत कुछ बेहतर कर सकते है और स्वंय को सकारात्मक कार्यो की व्यस्तता के बीच अवसाद और निराशा से भी सुरक्षित रख सकते है।
फोटो परिचय—
गर्मी के मौसम में पौधों को जिंदा रखने की कवायद करता बुजुर्ग।

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