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Featured - कदौरा - May 19, 2021

गौशालाएं खाली सड़कों पर चैबीस घंटे विचरण करते बेजुवान

0 राहगीरों के लिये अन्ना पशु बने परेशानी का सबब

कदौरा (जालौन)। ब्लॉक क्षेत्र में इस समय जिम्मेदारों की अनदेखी से गौशालाएं खाली पड़ी है गौशालाओं से मवेशियों को एक माह पूर्व ही छोड़ दिया गया था। गौशालाआंे से छोड़े गए मवेसी सड़को,गांव की गलियों व खेतो पर चारे पानी की तलाश में भटक रहे हैं। जिनको कोई भी जिम्मेदार देखने वाला नही है। स्थित यह है कि सड़कों पर घूमने वाले मवेसी अक्सर वाहनों की चपेट में आकर मर रहे हैं। उनको शवों को न उठाने पर उनसे भीषण दुर्गंध व बदबू आती है। कई बार बाइक, कार सवार भी चपेट में आकर घायल हो चुके हैं।
ब्लॉक क्षेत्र में आधा सैकड़ा गौशालाएं है जिनमें करीब पांच हजार मवेसी है। अप्रैल माह में खेतों की फसल कट जाने के बाद सचिवों ने गौशालाओं से मवेशियों को खोल दिया था। क्षेत्र के बागी, शहादतपुर (रोगी) उदनपुर, खुटमिली, कुशमरा बावनी, परौसा, इटौरा बावनी, हरचंदपुर, गौहना, रैला, इकौना, जकसिया, निस्बापुर, बवीना, पंडौरा, चतेला, नाका, भेड़ी खुर्द, बड़ागाँव, बसरेही, चन्दरसी, पथरेहटा, कठपुरवा, मरगांया, गर्रेही, बरही, बरखेरा, सुरौली, कुआखेड़ा सहित अन्य गौशालाएं खाली है। सचिवों ने मवेशियों को खुला छोड़ दिया है। इन गौशालाओ में 50 से लेकर डेढ़ सौ मवेसी थे। जो अब खुला सड़को व गांव में विचरण कर रहे है। जबकि शासन से गौशालाओं में मवेशियो के चारे भूसे के लिए करोड़ो रूपये की धनराशि भी आवंटित होती है। शासन से मिलने वाली धनराशि का सचिव चारे भूसे में नाम मात्र का खर्च कर बंदरबांट कर के अधिकारियों को गुमराह करते हैं। क्षेत्र के रामजी बालकदास अर्जुन सिंह सुरेंद्र चरण सिंह, बबलू कहते हैं कि कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नही हुई है। मवेशियो की स्थिति दयनीय है।
फोटो परिचय—–
सड़कों पर विचरण करते अन्ना जानवर।

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